कवर्धा : समझाइश के बाद भी सड़क पर दुकानें, अब कार्रवाई का इंतजार

नवीन बाजार में फिर दुकानदारों को दी चेतावनी; मुख्य बाजार में भी 5 से 10 फीट तक सड़क पर फैल रहा सामान, त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है जाम की समस्या
कवर्धा। शहर में सड़क और फुटपाथ तक दुकान का सामान फैलाकर कारोबार करने की समस्या लगातार बढ़ रही है। नवीन बाजार में नगर पालिका ने एक बार फिर दुकानदारों को चिन्हांकित स्थान के भीतर ही व्यवसाय करने की समझाइश दी है। लेकिन सवाल यह है कि जब इसी तरह की समझाइश पहले भी कई बार दी जा चुकी है और दुकानदार दोबारा सड़क तक सामान फैला देते हैं, तो कार्रवाई कब होगी?
नवीन बाजार ही नहीं, बल्कि कवर्धा के मुख्य बाजार क्षेत्रों में भी कई दुकानदार अपनी दुकान की सीमा से 5 से 10 फीट तक सामान सड़क की ओर निकालकर व्यवसाय करते नजर आते हैं। इससे सड़क पर वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है। सामान्य दिनों में भी आवागमन प्रभावित होता है और त्योहारी सीजन में यही स्थिति बड़े जाम का कारण बनती है।
नवीन बाजार में पहले हटाया, फिर दोबारा शुरू हुआ अतिक्रमण
गुरूतेग बहादुर चौक से रेवाबंद मार्ग और विंध्यवासिनी मार्ग तक सड़क किनारे बांस-बल्ली लगाकर दुकानें बढ़ाने की शिकायतों के बाद नगर पालिका, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने पहले कार्रवाई की थी। व्यवसायियों के लिए स्थान तय कर चिन्हांकन भी किया गया था।
इसके बावजूद कुछ दुकानदार फिर चिन्हांकित सीमा से बाहर बैठकर व्यवसाय करने लगे। इसके बाद पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें दोबारा समझाइश दी।
शहर के दूसरे बाजारों में भी यही स्थिति
नवीन बाजार की समस्या को अलग करके देखने के बजाय पालिका को पूरे शहर के मुख्य बाजारों पर नजर डालने की जरूरत है। कई जगह दुकानों का सामान सड़क तक फैलाकर रखा जाता है। सामग्री दुकान के बाहर कई फीट तक रखने से सड़क संकरी हो जाती है।
दुकान की जगह तय है, लेकिन कारोबार सड़क तक फैल गया है। यही स्थिति धीरे-धीरे बाजार की यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है।
त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है परेशानी
त्योहारी सीजन में बाजार में खरीदारों की संख्या बढ़ने के साथ वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में पहले से सड़क पर फैला सामान और दुकानदारों का अतिरिक्त कब्जा जाम की स्थिति को और गंभीर कर देता है। कई बार लोगों को वाहन निकालने में परेशानी होती है और पैदल चलने वालों को भी सड़क का सहारा लेना पड़ता है।
अब समझाइश नहीं, कार्रवाई जरूरी
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अतिरिक्त अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बार-बार समझाइश के बाद भी यदि वही स्थिति लौट आती है तो केवल समझाइश देना खानापूर्ति साबित होगी।
पालिका को शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण की सीमा स्पष्ट करने, नियमित निरीक्षण करने और सीमा से बाहर सामान रखने वालों पर जुर्माना व सामान हटाने जैसी नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई सभी दुकानदारों पर समान रूप से हो, ताकि किसी को भी सड़क को अपनी दुकान का विस्तार समझने की छूट न मिले।
जनता का सवाल भी यही है—जब सड़क आम लोगों और यातायात के लिए है, तो उसे दुकान का हिस्सा बनाकर रखने वालों पर कार्रवाई आखिर कब होगी?



